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Hindi - Chapter 18 - Al-Kahf

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 42 — Surah Al-Kahf 18:42

(अन्ततः) उसके फलों को घेर[1] लिया गया, फिर वह अपने दोनों हाथ मलता रह गया उसपर, जो उसमें खर्च किया था और वह अपने छप्परों सहित गिरा हुआ था और कहने लगाः क्या ही अच्छा होता कि मैं किसी को अपने पालनहार का साझी न बनाता।