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Hindi - Chapter 3 - Al-Imran

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 160 — Surah Al-Imran 3:160

यदि अल्लाह तुम्हारी सहायता करे, तो तुमपर कोई प्रभुत्व नहीं पा सकता तथा यदि तुम्हारी सहायता न करे, तो फिर कौन है, जो उसके पश्चात तुम्हारी सहायता कर सके? अतः ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिये।