Back to Languages

Hindi - Chapter 5 - Al-Maidah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 83 — Surah Al-Maidah 5:83

तथा जब वे (ईसाई) उस (क़ुर्आन) को सुनते हैं, जो रसूल पर उतरा है, तो आप देखते हैं कि उनकी आँखें आँसू से उबल रही हैं, उस सत्य के कारण, जिसे उन्होंने पहचान लिया है। वे कहते हैं, हे हमारे पालनहार! हम ईमान ले आये, अतः हमें (सत्य) के साथियों में लिख[1] ले।