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Hindi - Chapter 5 - Al-Maidah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 84 — Surah Al-Maidah 5:84

(तथा कहते हैं) क्या कारण है कि हम अल्लाह पर तथा इस सत्य (क़ुर्आन) पर ईमान (विश्वास) न करें? और हम आशा रखते हैं कि हमारा पालनहार हमें सदाचारियों में सम्मिलित कर देगा।