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Hindi - Chapter 67 - Al-Mulk

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 17 — Surah Al-Mulk 67:17

अथवा निर्भय हो गये उससे जो आकाश में है कि वह भेज दे तुम पर पथरीली वायु तो तुम्हें ज्ञान हो जायेगा कि कैसा रहा मेरा सावधान करना