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Hindi - Chapter 14 - Ibrahim

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 36 — Surah Ibrahim 14:36

मेरे रब! इन्होंने (इन मूर्तियों नॆ) बहुत से लोगों को पथभ्रष्ट किया है। अतः जिस किसी ने मॆरा अनुसरण किया वह मेरा है और जिस ने मेरी अवज्ञा की तो निश्चय ही तू बड़ा क्षमाशील, अत्यन्त दयावान है