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Hindi - Chapter 30 - Ar-Rum

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 39 — Surah Ar-Rum 30:39

तुम जो कुछ ब्याज पर देते हो, ताकि वह लोगों के मालों में सम्मिलित होकर बढ़ जाए, तो वह अल्लाह के यहाँ नहीं बढ़ता। किन्तु जो ज़कात तुमने अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए दी, तो ऐसे ही लोग (अल्लाह के यहाँ) अपना माल बढ़ाते है