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Hindi - Chapter 33 - Al-Ahzab

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 55 — Surah Al-Ahzab 33:55

न उनके लिए अपने बापों के सामने होने में कोई दोष है और न अपने बेटों, न अपने भाइयों, न अपने भतीजों, न अपने भांजो, न अपने मेल की स्त्रियों और न जिनपर उन्हें स्वामित्व का अधिकार प्राप्त हो उनके सामने होने में। अल्लाह का डर रखो, निश्चय ही अल्लाह हर चीज़ का साक्षी है