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Hindi - Chapter 41 - Fussilat

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 17 — Surah Fussilat 41:17

और रहे समूद, तो हमने उनके सामने सीधा मार्ग दिखाया, किन्तु मार्गदर्शन के मुक़ाबले में उन्होंने अन्धा रहना ही पसन्द किया। परिणामतः जो कुछ वे कमाई करते रहे थे उसके बदले में अपमानजनक यातना के कड़के ने उन्हें आ पकड़ा