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Hindi - Chapter 41 - Fussilat

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 22 — Surah Fussilat 41:22

तुम इस भय से छिपते न थे कि तुम्हारे कान तुम्हारे विरुद्ध गवाही देंगे, और न इसलिए कि तुम्हारी आँखें गवाही देंगी और न इस कारण से कि तुम्हारी खाले गवाही देंगी, बल्कि तुमने तो यह समझ रखा था कि अल्लाह तुम्हारे बहुत-से कामों को जानता ही नहीं