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Hindi - Chapter 41 - Fussilat

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 40 — Surah Fussilat 41:40

जो लोग हमारी आयतों में कुटिलता की नीति अपनाते है वे हमसे छिपे हुए नहीं हैं, तो क्या जो व्यक्ति आग में डाला जाए वह अच्छा है या वह जो क़ियामत के दिन निश्चिन्त होकर आएगा? जो चाहो कर लो, तुम जो कुछ करते हो वह तो उसे देख ही रहा है