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Hindi - Chapter 41 - Fussilat

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 5 — Surah Fussilat 41:5

और उनका कहना है कि "जिसकी ओर तुम हमें बुलाते हो उसके लिए तो हमारे दिल आवरणों में है। और हमारे कानों में बोझ है। और हमारे और तुम्हारे बीच एक ओट है; अतः तुम अपना काम करो, हम तो अपना काम करते है।