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Hindi - Chapter 45 - Al-Jathiyah

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 14 — Surah Al-Jathiyah 45:14

जो लोग ईमान लाए उनसे कह दो कि, "वे उन लोगों को क्षमा करें (उनकी करतूतों पर ध्यान न दे) अल्लाह के दिनों की आशा नहीं रखते, ताकि वह इसके परिणामस्वरूप उन लोगों को उनकी अपनी कमाई का बदला दे