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Hindi - Chapter 45 - Al-Jathiyah

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 24 — Surah Al-Jathiyah 45:24

वे कहते है, "वह तो बस हमारा सांसारिक जीवन ही है। हम मरते और जीते है। हमें तो बस काल (समय) ही विनष्ट करता है।" हालाँकि उनके पास इसका कोई ज्ञान नहीं। वे तो बस अटकलें ही दौड़ाते है