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Hindi - Chapter 48 - Al-Fath

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 12 — Surah Al-Fath 48:12

नहीं, बल्कि तुमने यह समझा कि रसूल और ईमानवाले अपने घरवालों की ओर लौटकर कभी न आएँगे और यह तुम्हारे दिलों को अच्छा लगा। तुमने तो बहुत बुरे गुमान किए और तुम्हीं लोग हुए तबाही में पड़नेवाले।