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Hindi - Chapter 48 - Al-Fath

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 17 — Surah Al-Fath 48:17

न अन्धे के लिए कोई हरज है, न लँगडे के लिए कोई हरज है और न बीमार के लिए कोई हरज है। जो भी अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करेगा, उसे वह ऐसे बाग़ों में दाख़िल करके, जिनके नीचे नहरे बह रही होगी, किन्तु जो मुँह फेरेगा उसे वह दुखद यातना देगा