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Hindi - Chapter 59 - Al-Hashr

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 10 — Surah Al-Hashr 59:10

और (इस माल में उनका भी हिस्सा है) जो उनके बाद आए, वे कहते है, "ऐ हमारे रब! हमें क्षमा कर दे और हमारे उन भाइयों को भी जो ईमानलाने में हमसे अग्रसर रहे और हमारे दिलों में ईमानवालों के लिए कोई विद्वेष न रख। ऐ हमारे रब! तू निश्चय ही बड़ा करुणामय, अत्यन्त दयावान है।