Back to LanguagesPrevious ChapterNext Chapter
Hindi - Chapter 113 - Al-Falaq
Translation by Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi — Permalink
Verse 1 — Surah Al-Falaq 113:1
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की
Verse 2 — Surah Al-Falaq 113:2
हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ
Verse 3 — Surah Al-Falaq 113:3
और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए
Verse 4 — Surah Al-Falaq 113:4
और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से
Verse 5 — Surah Al-Falaq 113:5
(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से