Verse 1 — Surah Al-Fatiha 1:1
अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।
Verse 2 — Surah Al-Fatiha 1:2
सब प्रशंसायें अल्लाह[1] के लिए हैं, जो सारे संसारों का पालनहार[2] है।
Verse 3 — Surah Al-Fatiha 1:3
जो अत्यंत कृपाशील और दयावान्[1] है।
Verse 4 — Surah Al-Fatiha 1:4
जो प्रतिकार[1] (बदले) के दिन का मालिक है।
Verse 5 — Surah Al-Fatiha 1:5
(हे अल्लाह!) हम केवल तुझी को पूजते हैं और केवल तुझी से सहायता मांगते[1] हैं।
Verse 6 — Surah Al-Fatiha 1:6
हमें सुपथ (सीधा मार्ग) दिखा।
Verse 7 — Surah Al-Fatiha 1:7
उनका मार्ग, जिनपर तूने पुरस्कार किया।[1] उनका नहीं, जिनपर तेरा प्रकोप[2] हुआ और न ही उनका, जो कुपथ (गुमराह) हो गये।