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Hindi - Chapter 1
Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari
Verse 1
अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।
Verse 2
सब प्रशंसायें अल्लाह[1] के लिए हैं, जो सारे संसारों का पालनहार[2] है।
Verse 3
जो अत्यंत कृपाशील और दयावान्[1] है।
Verse 4
जो प्रतिकार[1] (बदले) के दिन का मालिक है।
Verse 5
(हे अल्लाह!) हम केवल तुझी को पूजते हैं और केवल तुझी से सहायता मांगते[1] हैं।
Verse 6
हमें सुपथ (सीधा मार्ग) दिखा।
Verse 7
उनका मार्ग, जिनपर तूने पुरस्कार किया।[1] उनका नहीं, जिनपर तेरा प्रकोप[2] हुआ और न ही उनका, जो कुपथ (गुमराह) हो गये।