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Hindi - Chapter 13 - Ar-Rad

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 31 — Surah Ar-Rad 13:31

यदि कोई ऐसा क़ुर्आन होता, जिससे पर्वत खिसका[1] दिये जाते या धरती खण्ड-खण्ड कर दी जाती या इसके द्वारा मुर्दों से बात की जाती (तो भी वे ईमान नहीं लाते)। बात ये है कि सब अधिकार अल्लाह ही को हैं, तो क्या जो ईमान लाये हैं, वे निराश नहीं हुए कि यदि अल्लाह चाहता, तो सब लोगों को सीधी राह पर कर देता! और काफ़िरों को उनके करतूत के कारण बराबर आपदा पहुँचती रहेगी अथवा उनके घर के समीप उतरती रेहगी, यहाँ तक कि अल्लाह का वचन[2] आ जाये और अल्लाह, वचन का विरुध्द नहीं करता।