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Hindi - Chapter 17 - Al-Isra

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 1 — Surah Al-Isra 17:1

पवित्र है वह जिसने रात्रि के कुछ क्षण में अपने भक्त[1] को मस्जिदे ह़राम (मक्का) से मस्जिदे अक़्सा तक यात्रा कराई। जिसके चतुर्दिग हमने सम्पन्नता रखी है, ताकि उसे अपनी कुछ निशानियों का दर्शन कराएँ। वास्तव में, वह सब कुछ सुनने-जानने वाला है।