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Hindi - Chapter 17 - Al-Isra

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 30 — Surah Al-Isra 17:30

वास्तव में, आपका पालनहार ही विस्तृत कर देता है जीविका को जिसके लिए चाहता है, तथा संकीर्ण कर देता है। वास्तव में, वही अपने दासों (बंदों) से अति सूचित[1] देखने वाला[2] है।