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Hindi - Chapter 17 - Al-Isra

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 47 — Surah Al-Isra 17:47

और हम उनके विचारों से भली-भाँति अवगत हैं, जब वे कान लगाकर आपकी बात सुनते हैं और जब वे आपस में कानाफूसी करते हैं, जब वे अत्याचारी कहते हैं कि तुम लोग तो बस एक जादू किये हुए व्यक्ति का अनुसरण[1] करते हो।