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Hindi - Chapter 17 - Al-Isra

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 68 — Surah Al-Isra 17:68

क्या तुम निर्भय हो गये हो कि अल्लाह तुम्हें थल (धरती) ही में धंसा दे अथवा तुमपर फथरीली आँधी भेज दे? फिर तुम अपना कोई रक्षक न पाओ।