(अल्लाह) ने तुमपर मुर्दार[1] तथा (बहता) रक्त और सुअर का माँस तथा जिसपर अल्लाह के सिवा किसी और का नाम पुकारा गया हो, उन्हें ह़राम (निषेध) कर दिया है। फिर भी जो विवश हो जाये, जबकि वह नियम न तोड़ रहा हो और आवश्यक्ता की सीमा का उल्लंघन न कर रहा हो, तो उसपर कोई दोष नहीं। अल्लाह अति क्षमाशील, दयावान् है।