और जब तुम अपने ह़ज के मनासिक (कर्म) पूरे कर लो, तो जिस प्रकार पहले अपने पूर्वजों की चर्चा करते रहे, उसी प्रकार बल्कि उससे भी अधिक अल्लाह का स्मरण[1] करो। उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो ये कहते हैं कि हे हमारे पालनहार! (हमें जो देना है,) संसार ही में दे दे। अतः ऐसे व्यक्ति के लिए परलोक में कोई भाग नहीं है।