तथा इन गिनती[1] के कुछ दिनों में अल्लाह को स्मरण (याद) करो, फिर जो व्यक्ति शीघ्रता से दो ही दिन में (मिना से) चल[2] दे, उसपर कोई दोष नहीं और जो विलम्ब[3] करे, उसपर भी कोई दोष नहीं, उस व्यक्ति के लिए जो अल्लाह से डरा तथा तुम अल्लाह से डरते रहो और ये समझ लो कि तुम उसी के पास प्रलय के दिन एकत्र किए जाओगो।