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Hindi - Chapter 2 - Al-Baqarah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 228 — Surah Al-Baqarah 2:228

तथा जिन स्त्रियों को तलाक़ दी गयी हो, वे तीन बार रजवती होने तक अपने आपको विवाह से रोके रखें। उनके लिए ह़लाल (वैध) नहीं है कि अल्लाह ने जो उनके गर्भाशयों में पैदा किया[1] है, उसे छुपायें, यदि वे अल्लाह तथा आख़िरत (परलोक) पर ईमान रखती हों तथा उनके पति इस अवधि में अपनी पत्नियों को लौटा लेने के अधिकारी[2] हैं, यदि वे मिलाप[3] चाहते हों तथा सामान्य नियमानुसार स्त्रियों[4] के लिए वैसे ही अधिकार हैं, जैसे पुरुषों के उनके ऊपर हैं। फिर भी पुरुषों को स्त्रियों पर एक प्रधानता प्राप्त है और अल्लाह अति प्रभुत्वशाली, तत्वज्ञ है।