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Hindi - Chapter 2 - Al-Baqarah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 230 — Surah Al-Baqarah 2:230

फिर यदि उसे (तीसरी बार) तलाक़ दे दी, तो वह स्त्री उसके लिए ह़लाल (वैध) नहीं होगी, जब तक दूसरे पति से विवाह न कर ले। अब यदि दूसरा पति (संभोग के पश्चात्) उसे तलाक दे दे, तब प्रथम पति से (निर्धारित अवधि पूरी करके) फिर विवाह कर सकती है, यदि वे दोनों समझते हों कि अल्लाह की सीमाओं को स्थापित रख[1] सकेंगे और ये अल्लाह की सीमायें हैं, जिन्हें उन लोगों के लिए उजागर कर रहा है, जो ज्ञान रखते हैं।