और तुममें से जो मर जायें और अपने पीछे पत्नियाँ छोड़ जायें, तो वे स्वयं को चार महीने दस दिन रोके रखें।[1] फिर जब उनकी अवधि पूरी हो जाये, तो वे सामान्य नियमानुसार अपने विषय में जो भी करें, उसमें तुमपर कोई दोष[2] नहीं तथा अल्लाह तुम्हारे कर्मों से सूचित है।