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Hindi - Chapter 2 - Al-Baqarah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 256 — Surah Al-Baqarah 2:256

धर्म में बल प्रयोग नहीं। सुपथ, कुपथ से अलग हो चुका है। अतः, अब जो ताग़ूत (अर्थात अल्लाह के सिवा पूज्यों) को नकार दे तथा अल्लाह पर ईमान लाये, तो उसने दृढ़ कड़ा (सहारा) पकड़ लिया, जो कभी खण्डित नहीं हो सकता तथा अल्लाह सब कुछ सुनता-जानता[1] है।