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Hindi - Chapter 2 - Al-Baqarah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 275 — Surah Al-Baqarah 2:275

जो लोग ब्याज खाते हैं, ऐसे उठेंगे जैसे वह उठता है, जिसे शैतान ने छूकर उनमत्त कर दिया हो। उनकी ये दशा इस कारण होगी कि उन्होंने कहा कि व्यापार भी तो ब्याज ही जैसा है, जबकि अल्लाह ने व्यापार को ह़लाल (वैध) , तथा ब्याज को ह़राम (अवैध) कर[1] दिया है। अब जिसके पास उसके पालनहार की ओर से निर्देश आ गया और इस कारण उससे रुक गया, तो जो कुछ पहले लिया, वह उसी का हो गया तथा उसका मामला अल्लाह के ह़वाले है और जो (लोग) फिर वही करें, तो वही नारकी हैं, जो उसमें सदावासी होंगे।