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Hindi - Chapter 2 - Al-Baqarah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 283 — Surah Al-Baqarah 2:283

और यदि तुम यात्रा में रहो तथा लिखने के लिए किसी को न पाओ, तो धरोहर रख दो और यदि तुममें परस्पर एक-दूसरे पर भरोसा हो, (तो धरोहर की भी आवश्यक्ता नहीं,) जिसपर अमानत (उधार) है, वह उसे चुका दे तथा अल्लाह (अपने पालनहार) से डरे और साक्ष्य न छुपाओ और जो उसे छुपायेगा, उसका दिल पापी है तथा तुम जो करते हो, अल्लाह सब जानता है।