अल्लाह की उतारी हुई (पुस्तक)[1] का इन्कार करके बुरे बदले पर इन्होंने अपने प्राणों को बेच दिया, इस द्वेष के कारण कि अल्लाह ने अपना प्रदान (प्रकाशना), अपने जिस भक्त[1] पर चाहा, उतार दिया। अतः वे प्रकोप पर प्रकोप के अधिकारी बन गये और ऐसे काफ़िरों के लिए अपमानकारी यातना है।