और जब उनसे कहा जाता है कि अल्लाह ने जो उतारा[1] है, उसपर ईमन लाओ, तो कहते हैं: हम तो उसीपर ईमान रखते हैं, जो हमपर उतरा है और इसके सिवा जो कुछ है, उसका इन्कार करते हैं। जबकि वह सत्य है और उसका प्रमाण्कारी है, जो उनके पास है। कहो कि फिर इससे पूर्व अल्लाह के नबियों की हत्या क्यों करते थे, यदि तुम ईमान वाले थे तो