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Hindi - Chapter 21 - Al-Anbiya

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 5 — Surah Al-Anbiya 21:5

बल्कि उन्होंने कह दिया कि ये[1] बिखरे स्वप्न हैं। बल्कि उस (नबी) ने इसे स्वयं बना लिया है, बल्कि वह कवि है! अन्यथा उसे चाहिए कि हमारे पास कोई निशानी ले आये, जैसे पूर्व के रसूल (निशानियों के साथ) भेजे गये।