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Hindi - Chapter 21 - Al-Anbiya

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 87 — Surah Al-Anbiya 21:87

तथा ज़ुन्नून[1] को, जब वे चला[2] गया क्रोधित होकर और सोचा कि हम उसे पकड़ेंगे नहीं, अन्ततः, उसने पुकारा अन्धेरे में कि नहीं है कोई पूज्य तेरे सिवा, तू पवित्र है, वास्तव में, मैं ही दोषी[3] हूँ।