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Hindi - Chapter 31 - Luqman

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 27 — Surah Luqman 31:27

और यदि जो भी धरती में वृक्ष हैं, सब लेखनियाँ बन जायें तथा उसके पश्चात् सागर स्याही हो जायें सात सागरों तक, तो भी समाप्त नहीं होंगे अल्लाह (की प्रशंसा) के शब्द, वास्तव में, अल्लाह प्रभावशाली, गुणी है।