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Hindi - Chapter 31 - Luqman

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 32 — Surah Luqman 31:32

और जब छा जाती है उनपर लहर छत्रों के समान, तो पुकारने लगते हैं अल्लाह को, उसके लिए शुध्द करके धर्म को और जब उन्हें सुरक्षित पहुँचा देता है थल तक, तो उनमें से कुछ संतुलित रहने वाले होते हैं और हमारी निशानियों को प्रत्येक वचनभंगी, अति कृतघ्न ही नकारते हैं।