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Hindi - Chapter 49 - Al-Hujurat

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 2 — Surah Al-Hujurat 49:2

हे लोगो जो ईमान लाये हो! अपनी आवाज़, नबी की आवाज़ से ऊँची न करो और न आपसे ऊँची आवाज़ में बात करो, जैसे एक-दूसरे से ऊँची आवाज़ में बात करते हो। ऐसा न हो कि तुम्हारे कर्म व्यर्थ हो जायें और तुम्हें पता (भी) न हो।