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Hindi - Chapter 104 - Al-Humazah

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 1 — Surah Al-Humazah 104:1

तबाही है हर कचो के लगानेवाले, ऐब निकालनेवाले के लिए

Verse 2 — Surah Al-Humazah 104:2

जो माल इकट्ठा करता और उसे गिनता रहा

Verse 3 — Surah Al-Humazah 104:3

समझता है कि उसके माल ने उसे अमर कर दिया

Verse 4 — Surah Al-Humazah 104:4

कदापि नहीं, वह चूर-चूर कर देनेवाली में फेंक दिया जाएगा

Verse 5 — Surah Al-Humazah 104:5

और तुम्हें क्या मालूम कि वह चूर-चूर कर देनेवाली क्या है

Verse 6 — Surah Al-Humazah 104:6

वह अल्लाह की दहकाई हुई आग है

Verse 7 — Surah Al-Humazah 104:7

जो झाँक लेती है दिलों को

Verse 8 — Surah Al-Humazah 104:8

वह उनपर ढाँककर बन्द कर दी गई होगी

Verse 9 — Surah Al-Humazah 104:9

लम्बे-लम्बे स्तम्भों में