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Hindi - Chapter 52 - At-Tur
Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink
Verse 1 — Surah At-Tur 52:1
गवाह है तूर पर्वत
Verse 2 — Surah At-Tur 52:2
और लिखी हुई किताब
Verse 3 — Surah At-Tur 52:3
फैले हुए झिल्ली के पन्ने में
Verse 4 — Surah At-Tur 52:4
और बसा हुआ घर
Verse 5 — Surah At-Tur 52:5
और ऊँची छत
Verse 6 — Surah At-Tur 52:6
और उफनता समुद्र
Verse 7 — Surah At-Tur 52:7
कि तेरे रब की यातना अवश्य घटित होकर रहेगी
Verse 8 — Surah At-Tur 52:8
जिसे टालनेवाला कोई नहीं
Verse 9 — Surah At-Tur 52:9
जिस दिल आकाश बुरी तरह डगमगाएगा
Verse 10 — Surah At-Tur 52:10
और पहाड़ चलते-फिरते होंगे
Verse 11 — Surah At-Tur 52:11
तो तबाही है उस दिन, झुठलानेवालों के लिए
Verse 12 — Surah At-Tur 52:12
जो बात बनाने में लगे हुए खेल रहे है
Verse 13 — Surah At-Tur 52:13
जिस दिन वे धक्के दे-देकर जहन्नम की ओर ढकेले जाएँगे
Verse 14 — Surah At-Tur 52:14
(कहा जाएगा), "यही है वह आग जिसे तुम झुठलाते थे
Verse 15 — Surah At-Tur 52:15
अब भला (बताओ) यह कोई जादू है या तुम्हे सुझाई नहीं देता
Verse 16 — Surah At-Tur 52:16
जाओ, झुलसो उसमें! अब धैर्य से काम लो या धैर्य से काम न लो; तुम्हारे लिए बराबर है। तुम वही बदला पा रहे हो, जो तुम करते रहे थे।
Verse 17 — Surah At-Tur 52:17
निश्चय ही डर रखनेवाले बाग़ों और नेमतों में होंगे
Verse 18 — Surah At-Tur 52:18
जो कुछ उनके रब ने उन्हें दिया होगा, उसका आनन्द ले रहे होंगे और इस बात से कि उनके रब ने उन्हें भड़कती हुई आग से बचा लिया
Verse 19 — Surah At-Tur 52:19
मज़े से खाओ और पियो उन कर्मों के बदले में जो तुम करते रहे हो।
Verse 20 — Surah At-Tur 52:20
पंक्तिबद्ध तख़्तो पर तकिया लगाए हुए होंगे और हम बड़ी आँखोंवाली हूरों (परम रूपवती स्त्रियों) से उनका विवाह कर देंगे
Verse 21 — Surah At-Tur 52:21
जो लोग ईमान लाए और उनकी सन्तान ने भी ईमान के साथ उसका अनुसरण किया, उनकी सन्तान को भी हम उनसे मिला देंगे, और उनके कर्म में से कुछ भी कम करके उन्हें नहीं देंगे। हर व्यक्ति अपनी कमाई के बदले में बन्धक है
Verse 22 — Surah At-Tur 52:22
और हम उन्हें मेवे और मांस, जिसकी वे इच्छा करेंगे दिए चले जाएँगे
Verse 23 — Surah At-Tur 52:23
वे वहाँ आपस में प्याले हाथोंहाथ ले रहे होंगे, जिसमें न कोई बेहूदगी होगी और न गुनाह पर उभारनेवाली कोई बात
Verse 24 — Surah At-Tur 52:24
और उनकी सेवा में सुरक्षित मोतियों के सदृश किशोर दौड़ते फिरते होंगे, जो ख़ास उन्हीं (की सेवा) के लिए होंगे
Verse 25 — Surah At-Tur 52:25
उनमें से कुछ व्यक्ति कुछ व्यक्तियों की ओर हाल पूछते हुए रुख़ करेंगे
Verse 26 — Surah At-Tur 52:26
कहेंगे, "निश्चय ही हम पहले अपने घरवालों में डरते रहे है
Verse 27 — Surah At-Tur 52:27
अन्ततः अल्लाह ने हमपर एहसास किया और हमें गर्म विषैली वायु की यातना से बचा लिया
Verse 28 — Surah At-Tur 52:28
इससे पहले हम उसे पुकारते रहे है। निश्चय ही वह सदव्यवहार करनेवाला, अत्यन्त दयावान है।
Verse 29 — Surah At-Tur 52:29
अतः तुम याद दिलाते रहो। अपने रब की अनुकम्पा से न तुम काहिन (ढोंगी भविष्यवक्ता) हो और न दीवाना
Verse 30 — Surah At-Tur 52:30
या वे कहते है, "वह कवि है जिसके लिए हम काल-चक्र की प्रतीक्षा कर रहे है
Verse 31 — Surah At-Tur 52:31
कह दो, "प्रतीक्षा करो! मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करता हूँ।
Verse 32 — Surah At-Tur 52:32
या उनकी बुद्धियाँ यही आदेश दे रही है, या वे ही है सरकश लोग
Verse 33 — Surah At-Tur 52:33
या वे कहते है, "उसने उस (क़ुरआन) को स्वयं ही कह लिया है?" नहीं, बल्कि वे ईमान नहीं लाते
Verse 34 — Surah At-Tur 52:34
अच्छा यदि वे सच्चे है तो उन्हें उस जैसी वाणी ले आनी चाहिए
Verse 35 — Surah At-Tur 52:35
या वे बिना किसी चीज़ के पैदा हो गए? या वे स्वयं ही अपने स्रष्टाँ है
Verse 36 — Surah At-Tur 52:36
या उन्होंने आकाशों और धरती को पैदा किया
Verse 37 — Surah At-Tur 52:37
या उनके पास तुम्हारे रब के खज़ाने है? या वही उनके परिरक्षक है
Verse 38 — Surah At-Tur 52:38
या उनके पास कोई सीढ़ी है जिसपर चढ़कर वे (कान लगाकर) सुन लेते है? फिर उनमें से जिसने सुन लिया हो तो वह ले आए स्पष्ट प्रमाण
Verse 39 — Surah At-Tur 52:39
या उस (अल्लाह) के लिए बेटियाँ है और तुम्हारे अपने लिए बेटे
Verse 40 — Surah At-Tur 52:40
या तुम उनसे कोई पारिश्रामिक माँगते हो कि वे तावान के बोझ से दबे जा रहे है
Verse 41 — Surah At-Tur 52:41
या उनके पास परोक्ष (स्पष्ट) है जिसके आधार पर वे लिए रहे हो
Verse 42 — Surah At-Tur 52:42
या वे कोई चाल चलना चाहते है? तो जिन लोगों ने इनकार किया वही चाल की लपेट में आनेवाले है
Verse 43 — Surah At-Tur 52:43
या अल्लाह के अतिरिक्त उनका कोई और पूज्य-प्रभु है? अल्लाह महान और उच्च है उससे जो वे साझी ठहराते है
Verse 44 — Surah At-Tur 52:44
यदि वे आकाश का कोई टुकटा गिरता हुआ देखें तो कहेंगे, "यह तो परत पर परत बादल है
Verse 45 — Surah At-Tur 52:45
अतः छोडो उन्हें, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन का सामना करें जिसमें उनपर वज्रपात होगा
Verse 46 — Surah At-Tur 52:46
जिस दिन उनकी चाल उनके कुछ भी काम न आएगी और न उन्हें कोई सहायता ही मिलेगी
Verse 47 — Surah At-Tur 52:47
और निश्चय ही जिन लोगों ने ज़ुल्म किया उनके लिए एक यातना है उससे हटकर भी, परन्तु उनमें से अधिकतर जानते नहीं
Verse 48 — Surah At-Tur 52:48
अपने रब का फ़ैसला आने तक धैर्य से काम लो, तुम तो हमारी आँखों में हो, और जब उठो तो अपने रब का गुणगान करो
Verse 49 — Surah At-Tur 52:49
रात की कुछ घड़ियों में भी उसकी तसबीह करो, और सितारों के पीठ फेरने के समय (प्रातःकाल) भी