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Hindi - Chapter 75 - Al-Qiyamah

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 1 — Surah Al-Qiyamah 75:1

नहीं, मैं क़सम खाता हूँ क़ियामत के दिन की

Verse 2 — Surah Al-Qiyamah 75:2

और नहीं! मैं कसम खाता हूँ मलामत करनेवाली आत्मा की

Verse 3 — Surah Al-Qiyamah 75:3

क्या मनुष्य यह समझता है कि हम कदापि उसकी हड्डियों को एकत्र न करेंगे

Verse 4 — Surah Al-Qiyamah 75:4

क्यों नहीं, हम उसकी पोरों को ठीक-ठाक करने की सामर्थ्य रखते है

Verse 5 — Surah Al-Qiyamah 75:5

बल्कि मनुष्य चाहता है कि अपने आगे ढिठाई करता रहे

Verse 6 — Surah Al-Qiyamah 75:6

पूछता है, "आख़िर क़ियामत का दिन कब आएगा

Verse 7 — Surah Al-Qiyamah 75:7

तो जब निगाह चौंधिया जाएगी

Verse 8 — Surah Al-Qiyamah 75:8

और चन्द्रमा को ग्रहण लग जाएगा

Verse 9 — Surah Al-Qiyamah 75:9

और सूर्य और चन्द्रमा इकट्ठे कर दिए जाएँगे

Verse 10 — Surah Al-Qiyamah 75:10

उस दिन मनुष्य कहेगा, "कहाँ जाऊँ भागकर

Verse 11 — Surah Al-Qiyamah 75:11

कुछ नहीं, कोई शरण-स्थल नहीं

Verse 12 — Surah Al-Qiyamah 75:12

उस दिन तुम्हारे रब ही ओर जाकर ठहरना है

Verse 13 — Surah Al-Qiyamah 75:13

उस दिन मनुष्य को बता दिया जाएगा जो कुछ उसने आगे बढाया और पीछे टाला

Verse 14 — Surah Al-Qiyamah 75:14

नहीं, बल्कि मनुष्य स्वयं अपने हाल पर निगाह रखता है

Verse 15 — Surah Al-Qiyamah 75:15

यद्यपि उसने अपने कितने ही बहाने पेश किए हो

Verse 16 — Surah Al-Qiyamah 75:16

तू उसे शीघ्र पाने के लिए उसके प्रति अपनी ज़बान को न चला

Verse 17 — Surah Al-Qiyamah 75:17

हमारे ज़िम्मे है उसे एकत्र करना और उसका पढ़ना

Verse 18 — Surah Al-Qiyamah 75:18

अतः जब हम उसे पढ़े तो उसके पठन का अनुसरण कर

Verse 19 — Surah Al-Qiyamah 75:19

फिर हमारे ज़िम्मे है उसका स्पष्टीकरण करना

Verse 20 — Surah Al-Qiyamah 75:20

कुछ नहीं, बल्कि तुम लोग शीघ्र मिलनेवाली चीज़ (दुनिया) से प्रेम रखते हो

Verse 21 — Surah Al-Qiyamah 75:21

और आख़िरत को छोड़ रहे हो

Verse 22 — Surah Al-Qiyamah 75:22

किनते ही चहरे उस दिन तरो ताज़ा और प्रफुल्लित होंगे

Verse 23 — Surah Al-Qiyamah 75:23

अपने रब की ओर देख रहे होंगे।

Verse 24 — Surah Al-Qiyamah 75:24

और कितने ही चेहरे उस दिन उदास और बिगड़े हुए होंगे

Verse 25 — Surah Al-Qiyamah 75:25

समझ रहे होंगे कि उनके साथ कमर तोड़ देनेवाला मामला किया जाएगा

Verse 26 — Surah Al-Qiyamah 75:26

कुछ नहीं, जब प्राण कंठ को आ लगेंगे

Verse 27 — Surah Al-Qiyamah 75:27

और कहा जाएगा, "कौन है झाड़-फूँक करनेवाला

Verse 28 — Surah Al-Qiyamah 75:28

और वह समझ लेगा कि वह जुदाई (का समय) है

Verse 29 — Surah Al-Qiyamah 75:29

और पिंडली से पिंडली लिपट जाएगी

Verse 30 — Surah Al-Qiyamah 75:30

तुम्हारे रब की ओर उस दिन प्रस्थान होगा

Verse 31 — Surah Al-Qiyamah 75:31

किन्तु उसने न तो सत्य माना और न नमाज़ अदा की

Verse 32 — Surah Al-Qiyamah 75:32

लेकिन झुठलाया और मुँह मोड़ा

Verse 33 — Surah Al-Qiyamah 75:33

फिर अकड़ता हुआ अपने लोगों की ओर चल दिया

Verse 34 — Surah Al-Qiyamah 75:34

अफ़सोस है तुझपर और अफ़सोस है

Verse 35 — Surah Al-Qiyamah 75:35

फिर अफ़सोस है तुझपर और अफ़सोस है

Verse 36 — Surah Al-Qiyamah 75:36

क्या मनुष्य समझता है कि वह यूँ ही स्वतंत्र छोड़ दिया जाएगा

Verse 37 — Surah Al-Qiyamah 75:37

क्या वह केवल टपकाए हुए वीर्य की एक बूँद न था

Verse 38 — Surah Al-Qiyamah 75:38

फिर वह रक्त की एक फुटकी हुआ, फिर अल्लाह ने उसे रूप दिया और उसके अंग-प्रत्यंग ठीक-ठाक किए

Verse 39 — Surah Al-Qiyamah 75:39

और उसकी दो जातियाँ बनाई - पुरुष और स्त्री

Verse 40 — Surah Al-Qiyamah 75:40

क्या उसे वह सामर्थ्य प्राप्त- नहीं कि वह मुर्दों को जीवित कर दे