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Hindi - Chapter 97 - Al-Qadr
Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink
Verse 1 — Surah Al-Qadr 97:1
हमने इसे क़द्र की रात में अवतरित किया
Verse 2 — Surah Al-Qadr 97:2
और तुम्हें क्या मालूम कि क़द्र की रात क्या है
Verse 3 — Surah Al-Qadr 97:3
क़द्र की रात उत्तम है हज़ार महीनों से
Verse 4 — Surah Al-Qadr 97:4
उसमें फ़रिश्तें और रूह हर महत्वपूर्ण मामलें में अपने रब की अनुमति से उतरते है
Verse 5 — Surah Al-Qadr 97:5
वह रात पूर्णतः शान्ति और सलामती है, उषाकाल के उदय होने तक