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Hindi - Chapter 102 - At-Takathur

Translation by Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi — Permalink

Verse 1 — Surah At-Takathur 102:1

कुल व माल की बहुतायत ने तुम लोगों को ग़ाफ़िल रखा

Verse 2 — Surah At-Takathur 102:2

यहाँ तक कि तुम लोगों ने कब्रें देखी (मर गए)

Verse 3 — Surah At-Takathur 102:3

देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा

Verse 4 — Surah At-Takathur 102:4

फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा

Verse 5 — Surah At-Takathur 102:5

देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)

Verse 6 — Surah At-Takathur 102:6

तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे

Verse 7 — Surah At-Takathur 102:7

फिर तुम लोग यक़ीनी देखना देखोगे

Verse 8 — Surah At-Takathur 102:8

फिर तुमसे नेअमतों के बारें ज़रूर बाज़ पुर्स की जाएगी