Back to Languages

Hindi - Chapter 103 - Al-Asr

Translation by Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi — Permalink

Verse 1 — Surah Al-Asr 103:1

नमाज़े अस्र की क़सम

Verse 2 — Surah Al-Asr 103:2

बेशक इन्सान घाटे में है

Verse 3 — Surah Al-Asr 103:3

मगर जो लोग ईमान लाए, और अच्छे काम करते रहे और आपस में हक़ का हुक्म और सब्र की वसीयत करते रहे