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Hindi - Chapter 81 - At-Takwir
Translation by Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi — Permalink
Verse 1 — Surah At-Takwir 81:1
जिस वक्त आफ़ताब की चादर को लपेट लिया जाएगा
Verse 2 — Surah At-Takwir 81:2
और जिस वक्त तारे गिर पडेग़ें
Verse 3 — Surah At-Takwir 81:3
और जब पहाड़ चलाए जाएंगें
Verse 4 — Surah At-Takwir 81:4
और जब अनक़रीब जनने वाली ऊंटनियों बेकार कर दी जाएंगी
Verse 5 — Surah At-Takwir 81:5
और जिस वक्त वहशी जानवर इकट्ठा किये जायेंगे
Verse 6 — Surah At-Takwir 81:6
और जिस वक्त दरिया आग हो जायेंगे
Verse 7 — Surah At-Takwir 81:7
और जिस वक्त रुहें हवियों से मिला दी जाएंगी
Verse 8 — Surah At-Takwir 81:8
और जिस वक्त ज़िन्दा दर गोर लड़की से पूछा जाएगा
Verse 9 — Surah At-Takwir 81:9
कि वह किस गुनाह के बदले मारी गयी
Verse 10 — Surah At-Takwir 81:10
और जिस वक्त (आमाल के) दफ्तर खोले जाएं
Verse 11 — Surah At-Takwir 81:11
और जिस वक्त आसमान का छिलका उतारा जाएगा
Verse 12 — Surah At-Takwir 81:12
और जब दोज़ख़ (की आग) भड़कायी जाएगी
Verse 13 — Surah At-Takwir 81:13
और जब बेहिश्त क़रीब कर दी जाएगी
Verse 14 — Surah At-Takwir 81:14
तब हर शख़्श मालूम करेगा कि वह क्या (आमाल) लेकर आया
Verse 15 — Surah At-Takwir 81:15
तो मुझे उन सितारों की क़सम जो चलते चलते पीछे हट जाते
Verse 16 — Surah At-Takwir 81:16
और ग़ायब होते हैं
Verse 17 — Surah At-Takwir 81:17
और रात की क़सम जब ख़त्म होने को आए
Verse 18 — Surah At-Takwir 81:18
और सुबह की क़सम जब रौशन हो जाए
Verse 19 — Surah At-Takwir 81:19
कि बेशक यें (क़ुरान) एक मुअज़िज़ फरिश्ता (जिबरील की ज़बान का पैग़ाम है)
Verse 20 — Surah At-Takwir 81:20
जो बड़े क़वी अर्श के मालिक की बारगाह में बुलन्द रुतबा है
Verse 21 — Surah At-Takwir 81:21
वहाँ (सब फरिश्तों का) सरदार अमानतदार है
Verse 22 — Surah At-Takwir 81:22
और (मक्के वालों) तुम्हारे साथी मोहम्मद दीवाने नहीं हैं
Verse 23 — Surah At-Takwir 81:23
और बेशक उन्होनें जिबरील को (आसमान के) खुले (शरक़ी) किनारे पर देखा है
Verse 24 — Surah At-Takwir 81:24
और वह ग़ैब की बातों के ज़ाहिर करने में बख़ील नहीं
Verse 25 — Surah At-Takwir 81:25
और न यह मरदूद शैतान का क़ौल है
Verse 26 — Surah At-Takwir 81:26
फिर तुम कहाँ जाते हो
Verse 27 — Surah At-Takwir 81:27
ये सारे जहॉन के लोगों के लिए बस नसीहत है
Verse 28 — Surah At-Takwir 81:28
(मगर) उसी के लिए जो तुममें सीधी राह चले
Verse 29 — Surah At-Takwir 81:29
और तुम तो सारे जहॉन के पालने वाले ख़ुदा के चाहे बग़ैर कुछ भी चाह नहीं सकते