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Hindi - Chapter 94 - Ash-Sharh

Translation by Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi — Permalink

Verse 1 — Surah Ash-Sharh 94:1

(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

Verse 2 — Surah Ash-Sharh 94:2

और तुम पर से वह बोझ उतार दिया

Verse 3 — Surah Ash-Sharh 94:3

जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी

Verse 4 — Surah Ash-Sharh 94:4

और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

Verse 5 — Surah Ash-Sharh 94:5

तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

Verse 6 — Surah Ash-Sharh 94:6

यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है

Verse 7 — Surah Ash-Sharh 94:7

तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

Verse 8 — Surah Ash-Sharh 94:8

और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो