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Hindi - Chapter 27 - An-Naml

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 92 — Surah An-Naml 27:92

तथा क़ुर्आन पढ़ता रहूँ, तो जिसने सुपथ अपनाया, तो वह अपने ही लाभ के लिए सुपथ अपनायेगा और जो कुपथ हो जाये, तो आप कह दें कि वास्तव में, मैं तो बस सावधान करने वालों में से हूँ।