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Hindi - Chapter 38 - Sad

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 1 — Surah Sad 38:1

साद। शपथ है शिक्षाप्रद क़ुर्आन की

Verse 2 — Surah Sad 38:2

बल्कि, जो काफ़िर हो गये, वे एक गर्व तथा विरोध में ग्रस्त हैं।

Verse 3 — Surah Sad 38:3

हमने विनाश किया है इनसे पूर्व, बहुत-से समुदायों का। तो वे पुकारने लगे और नहीं होता वह बचने का समय।

Verse 4 — Surah Sad 38:4

तथा उन्हें आश्चर्य हुआ कि आ गया उनके पास, उन्हीं मेंसे एक सचेत करने[1] वाला! और कह दिया काफ़िरों ने कि ये तो बड़ा झूठा जादूगर है।

Verse 5 — Surah Sad 38:5

क्या उसने बना दिया है सब पूज्यों को एक पूज्य? ये तो बड़े आश्चर्य का विषय है।

Verse 6 — Surah Sad 38:6

तथा चल दिये उनके प्रमुख, (ये) कहते हुए कि चलो, दृढ़ रहो अपने पूज्यों पर। इस बात का कुछ और ही लक्ष्य[1] है।

Verse 7 — Surah Sad 38:7

हमने नहीं सुनी ये बात प्राचीन धर्मों में, ये तो बस मनघड़त बात है।

Verse 8 — Surah Sad 38:8

क्या उसीपर उतारी गई है ये शिक्षा हमारे बीच में से? बल्कि वे संदेह में हैं मेरी शिक्षा से। बल्कि उन्होंने अभी यातना नहीं चखी है।

Verse 9 — Surah Sad 38:9

अथवा उनके पास हैं, आपके अत्यंत प्रभुत्वशाली प्रदाता पालनहार की दया के कोष

Verse 10 — Surah Sad 38:10

अथवा उन्हीं का है राज्य, आकाशों तथा धरती का और जो कुछ उन दोनों के मध्य है? तो उन्हें चाहिये कि चढ़ जायें (आकाशों में) रस्सियाँ तान[1] कर।

Verse 11 — Surah Sad 38:11

ये एक तुच्छ सेना है, यहाँ प्राजित सेनाओं[1] में से।

Verse 12 — Surah Sad 38:12

झुठलाया इनसे पहले नूह़ तथा आद और शक्तिवान फ़िरऔन की जाति ने।

Verse 13 — Surah Sad 38:13

तथा समूद और लूत की जाति एवं वन के वासियों[1] ने। यही सेनायें हैं।

Verse 14 — Surah Sad 38:14

इन सभी ने झुठलाया रसूलों को, तो मेरी यातना सिध्द हो गयी।

Verse 15 — Surah Sad 38:15

और ये नहीं प्रतीक्षा कर रहे हैं, परन्तु एक कर्कश ध्वनि की जिसके लिए कुछ भी देर नहीं होगी।

Verse 16 — Surah Sad 38:16

तथा उन्होंने कहा कि हे हमारे पालनहार! शीघ्र प्रदान कर दे हमारे लिए हमारी (यातना का) भाग ह़िसाब के दिन से पहले।

Verse 17 — Surah Sad 38:17

आप सहन करें उसपर, जो वे कह रहे हैं तथा याद करें हमारे भक्त दावूद को, जो अत्यंत शक्तिशाली था। निश्चय वह ध्यानमग्न था।

Verse 18 — Surah Sad 38:18

हमने वश्वर्ती कर दिया था पर्वतों को, जो उसके साथ पवित्रता गान करते थे, संध्या तथा प्रातः।

Verse 19 — Surah Sad 38:19

तथा पक्षियों को एकत्रित किये हुए, प्रत्येक उसके अधीन ध्यानमग्न रहते थे।

Verse 20 — Surah Sad 38:20

और हमने दृढ़ किया उसके राज्य को और हमने प्रदान की उसे नबूवत तथा निर्णय शक्ति।

Verse 21 — Surah Sad 38:21

तथा क्या आया आपके पास दो पक्षों का समाचार, जब वे दीवार फाँदकर मेह़राब (वंदना स्थल) में आ गये

Verse 22 — Surah Sad 38:22

जब उन्होंने प्रवेश किया दावूद पर, तो वह घबरा गया उनसे। उन्होंने कहाः डरिये नहीं। हम दो पक्ष हैं, अत्याचार किया है, हममें से एक ने, दूसरे पर। तो आप निर्णय कर दें हमारे बीच सत्य (न्याय) के साथ तथा अन्याय न करें तथा हमें दर्शा दें सीधी राह।

Verse 23 — Surah Sad 38:23

ये मेरा भाई है, इसके पास निन्नान्वे भेड़ हैं और मेरे पास भेड़ है। ये कहता है कि वह (भी) मुझे दे दो और ये प्रभावशाली हो गया मुझपर बात करने में।

Verse 24 — Surah Sad 38:24

दावूद ने कहाः उसने तुमपर अवश्य अत्याचार किया, तुम्हारी भेड़ को (मिलाने की) माँग करके अपनी भेड़ों में तथा बहुत-से साझी एक-दूसरे पर एत्याचार करते हैं, उनके सिवा, जो ईमान लाये तथा सदाचार किये और बहुत थोड़े हैं ऐसे लोग और दावूद ने भाँप ली कि हमने उसकी परीक्षा ली है, तो सहसा उसने क्षमा याचना कर ली और गिर गया सज्दे में तथा ध्यानमग्न हो गया।

Verse 25 — Surah Sad 38:25

तो हमने क्षमा कर दिया उसके लिए वह तथा उसके लिए हमारे पास निश्चय सामिप्य है तथा अच्छा स्थान।

Verse 26 — Surah Sad 38:26

हे दाऊद! हमने तुझे राज्य दिया है धरती में। अतः, निर्णय कर, लोगों के बीच सत्य (न्याय) के साथ तथा अनुसरण न कर आकांक्षा का। अन्यथा, वह कुपथ कर देगी तुझे अल्लाह की राह से। निःसंदेह, जो कुपथ हो जायेंगे अल्लाह की राह[1] से, तो उन्हीं के लिए घोर यातना है, इस कारण कि वे भूल गये ह़िसाब का दिन।

Verse 27 — Surah Sad 38:27

तथा नहीं पैदा किया है हमने आकाश और धरती को तथा जो कुछ उनके बीच है, व्यर्थ। ये तो उनका विचार है, जो काफ़िर हो गये। तो विनाश है उनके लिए, जो काफ़िर हो गये अग्नि से।

Verse 28 — Surah Sad 38:28

क्या हम कर देंगे उन्हें, जो ईमान लाये तथा सदाचार किये, उनके समान, जो उपद्रवी हैं धरती में? या कर देंगे आज्ञाकारियों को उल्लंघनकारियों के समान

Verse 29 — Surah Sad 38:29

ये (क़ुर्आन) एक शूभ पुस्तक है, जिसे हमने अवतरित किया है आपकी ओर, ताकि लोग विचार करें उसकी आयतों पर और ताकि शिक्षा ग्रहण करें मतिमान।

Verse 30 — Surah Sad 38:30

तथा हमने प्रदान किया दावूद को सुलैमान (नामक पुत्र)। वह अति ध्यानमग्न था।

Verse 31 — Surah Sad 38:31

जब प्रस्तुत किये गये उसके समक्ष संध्या के समय सधे हुए वेगगामी घोड़े।

Verse 32 — Surah Sad 38:32

तो कहाः मैंने प्राथमिक्ता दी इन घोड़ों के प्रेम को अपने पालनहार के स्मरण पर। यहाँ तक कि वे ओझल हो गये।

Verse 33 — Surah Sad 38:33

उन्हें वापिस लाओ मेरे पास। फिर हाथ फेरने लगे उनकी पिंडलियों तथा गर्दनों पर।

Verse 34 — Surah Sad 38:34

और हमने परीक्षा[1] ली सुलैमान की तथा डाल दिया उसके सिंहासन पर एक धड़। फिर वह ध्यानमग्न हो गया।

Verse 35 — Surah Sad 38:35

उसने प्रार्थना कीः हे मेरे पालनहार! मुझे क्षमा कर दे तथा मुझे प्रदान कर ऐसा राज्य, जो उचित न हो किसी के लिए मेरे पश्चात्। वास्तव में, तू ही अति प्रदाता है।

Verse 36 — Surah Sad 38:36

तो हमने वश में कर दिया उसके लिए वायु को, जो चल रही थी धीमी गति से उसके आदेश से, वह जहाँ चाहता।

Verse 37 — Surah Sad 38:37

तथा शैतानों को प्रत्येक प्रकार के निर्माता तथा ग़ोता ख़ोर को।

Verse 38 — Surah Sad 38:38

तथा दूसरों को बंधे हुए बेड़ियों में।

Verse 39 — Surah Sad 38:39

ये हमारा प्रदान है। तो उपकार करो अथवा रोक लो, कोई ह़िसाब नहीं।

Verse 40 — Surah Sad 38:40

और वास्तव में, उसके लिए हमारे पास सामिप्य तथा उत्तम स्थान है।

Verse 41 — Surah Sad 38:41

तथा याद करो हमारे भक्त अय्यूब को। जब उसने पुकारा अपने पालनहार को कि शैतान ने मुझे पहुँचाया[1] है दुःख तथा यातना।

Verse 42 — Surah Sad 38:42

अपना पाँव (धरती पर) मार। ये है शीतल स्नान तथा पीने का जल।

Verse 43 — Surah Sad 38:43

और हमने प्रदान किया उसे उसका परिवार तथा उनके साथ और उनके समान, अपनी दया से और मतिमानों की शिक्षा के लिए।

Verse 44 — Surah Sad 38:44

तथा ले अपने हाथ में तीलियों की एक झाड़ तथा उससे मार और अपनी शपथ भंग न कर। वास्तव[1] में, हमने उसे पाया धैर्यवान। निश्चय, वह बड़ा ध्यानमग्न था।

Verse 45 — Surah Sad 38:45

तथा याद करो हमारे भक्त इब्राहीम, इस्ह़ाक़ एवं याक़ूब को, जो कर्म शक्ति तथा ज्ञानचक्षू[1] वाले थे।

Verse 46 — Surah Sad 38:46

हमने उसे विशेष कर लिया बड़ी विशेषता, परलोक (आख़िरत) की याद के साथ।

Verse 47 — Surah Sad 38:47

वास्तव में, वह हमारे यहाँ उत्तम निर्वाचितों में से थे।

Verse 48 — Surah Sad 38:48

तथा आप चर्चा करें इस्माईल, यसअ एवं ज़ुल्किफ़्ल की और ये सभी निर्वाचितों में से थे।

Verse 49 — Surah Sad 38:49

ये (क़ुर्आन) एक शिक्षा है तथा निश्चय आज्ञाकारियों के लिए उत्तम स्थान है।

Verse 50 — Surah Sad 38:50

स्थायी स्वर्ग, खुले हुए हैं उनके लिए (उनके) द्वार।

Verse 51 — Surah Sad 38:51

वे तकिये लगाये होंगे उनमें। माँगेंगे उनमें बहुत-से फल तथा पेय पदार्थ।

Verse 52 — Surah Sad 38:52

तथा उनके पास आँखे सीमित रखनी वाली समायु पत्नियाँ होंगी।

Verse 53 — Surah Sad 38:53

ये है जिसका वचन दिया जा रहा था तुम्हें, ह़िसाब के दिन।

Verse 54 — Surah Sad 38:54

ये है हमारी जीविका, जिसका कोई अन्त नहीं है।

Verse 55 — Surah Sad 38:55

ये है और अवज्ञाकारियों के लिए निश्चय बुरा स्थान है।

Verse 56 — Surah Sad 38:56

नरक है, जिसमें वे जायेंगे, क्या ही बुरा आवास है।

Verse 57 — Surah Sad 38:57

ये है। तो तुम चखो, खौलता पानी तथा पीप।

Verse 58 — Surah Sad 38:58

तथा कुछ अन्य इसी प्रकार की विभिन्न यातनायें।

Verse 59 — Surah Sad 38:59

ये[1] एक और जत्था है, जो घुसा आ रहा है तुम्हारे साथ। कोई स्वागत नहीं है उनका। वास्तव में, वे नरक में प्रवेश करने वाले हैं।

Verse 60 — Surah Sad 38:60

वे उत्तर देंगेः बल्कि तुम। तुम्हारा कोई स्वागत नहीं। तुम ही आगे लाये हो इस (यातना) को हमारे। तो ये बुरा निवास है।

Verse 61 — Surah Sad 38:61

(फिर) वे कहेंगेः हमारे पालनहार! जो हमारे आगे लाया है इसे, उसे दुगनी यातना दे नरक में।

Verse 62 — Surah Sad 38:62

तथा (नारकी) कहेंगेः हमें क्या हुआ है कि हम कुछ लोगों को नहीं देख रहे हैं, जिनकी गणना हम बुरे लोगों में कर[1] रहे थे

Verse 63 — Surah Sad 38:63

क्या हमने उन्हें उपहास बना रखा था अथवा चूक रही हैं उनसे हमारी आँखें

Verse 64 — Surah Sad 38:64

निश्चय सत्य है नारकियों का आपस में झगड़ना।

Verse 65 — Surah Sad 38:65

हे नबी! आप कह दें: मैं तो मात्र सचेत करने वाला[1] हूँ तथा कोई ( सच्चा) पूज्य नहीं है, अकेले प्रभावशाली अल्लाह के सिवा।

Verse 66 — Surah Sad 38:66

वह आकाशों तथा धरती का और जो कुछ उन दोनों के मध्य है, सबका पालनहार, अति प्रभावशाली, क्षमी है।

Verse 67 — Surah Sad 38:67

आप कह दें कि ये[1] बहुत बड़ी सूचना है।

Verse 68 — Surah Sad 38:68

और तुम हो कि उससे मुँह फेर रहे हो।

Verse 69 — Surah Sad 38:69

मुझे कोई ज्ञान नहीं है, उच्च सभा वाले (फ़रिश्ते) जब वाद-विवाद कर रहे थे।

Verse 70 — Surah Sad 38:70

मेरी ओर तो मात्र इसलिए वह़्यी (प्रकाशना) की जा रही है कि मैं खुला सचेत करने वाला हूँ।

Verse 71 — Surah Sad 38:71

जबकि कहा आपके पालनहार ने फ़रिश्तों सेः मैं पैदा करने वाला हूँ एक मनुष्य, मिट्टी से।

Verse 72 — Surah Sad 38:72

तो जब मैं उसे बराबर कर दूँ तथा फूँक दूँ उसमें, अपनी ओर से रूह़ (प्राण), तो गिर जाओ उसके लिए सज्दा करते हुए।

Verse 73 — Surah Sad 38:73

तो सज्दा किया सभी फ़रिश्तों ने एक साथ।

Verse 74 — Surah Sad 38:74

इब्लीस के सिवा, उसने अभिमान किया और हो गया काफ़िरों में से।

Verse 75 — Surah Sad 38:75

अल्लाह ने कहाः हे इब्लीस! किस चीज़ ने तुझे रोक दिया सज्दा करने से उसके लिए, जिसे मैंने पैदा किया अपने हाथ से? क्या तू अभिमान कर गया अथवा वास्तव में तू ऊँचे लोगों में से है

Verse 76 — Surah Sad 38:76

उसने कहाः मैं उससे उत्तम हूँ। तूने मुझे पैदा किया है अग्नि से तथा उसे पैदा किया मिट्टी से।

Verse 77 — Surah Sad 38:77

अल्लाह ने कहाः तू निकल जा यहाँ से, तू वास्तव में धिक्कृत है।

Verse 78 — Surah Sad 38:78

तथा तुझपर मेरी दया से दूरी है, प्रलय के दिन तक।

Verse 79 — Surah Sad 38:79

उसने कहाः मेरे पालनहार! मुझे अवसर दे उस दिन तक, जब लोग पुनः जीवित किये जायेंगे।

Verse 80 — Surah Sad 38:80

अल्लाह ने कहाः तुझे अवसर दे दिया गया।

Verse 81 — Surah Sad 38:81

निर्धारित समय के दिन तक।

Verse 82 — Surah Sad 38:82

उसने कहाः तो तेरे प्रताप की शपथ! मैं अवश्य कुपथ करके रहूँगा सबको।

Verse 83 — Surah Sad 38:83

तेरे शुध्द भक्तों के सिवा उनमें से।

Verse 84 — Surah Sad 38:84

अल्लाह ने कहाः तो ये सत्य है और मैं सत्य ही कहा करता हूँ

Verse 85 — Surah Sad 38:85

कि अवश्य भर दूँगा नरक को तुझसे तथा जो तेरा अनुसरण करेंगे उनसबसे।

Verse 86 — Surah Sad 38:86

(हे नबी!) कह दें कि मैं नहीं माँग करता हूँ तुमसे इसपर किसी पारिश्रमिक की तथा मैं नहीं हूँ अपनी ओर से कुछ बनाने वाला।

Verse 87 — Surah Sad 38:87

नहीं है ये (क़ुर्आन), परन्तु एक शिक्षा, सर्वलोक वासियों के लिए।

Verse 88 — Surah Sad 38:88

तथा तुम्हें अवश्य ज्ञान हो जायेगा उसके समाचार (तथ्य) का, एक समय के पश्चात्।